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रिपोर्टर: शक्ति सिंह

Major decision for ex-Agniveers in Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी में पूर्व-अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न विभागों की ‘ग्रुप-सी’ (Group-C) नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। इस नई नीति को धरातल पर उतारने और इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

Major decision for ex-Agniveers in Delhi इन सरकारी विभागों और पदों पर सीधी भर्ती में मिलेगी प्राथमिकता

राजभवन (LG कार्यालय) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत सेना से सेवामुक्त हुए नौजवानों और महिलाओं के कड़े अनुशासन, अद्वितीय कौशल और सैन्य प्रशिक्षण का लाभ दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ग्रुप-सी के तहत आने वाले निम्नलिखित प्रमुख पदों की सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों को 20 फीसदी का कोटा अनिवार्य रूप से दिया जाए:

  • दिल्ली पुलिस (कांस्टेबल पद)
  • फायर ब्रिगेड (फायरमैन)
  • जेल प्रशासन (जेल वार्डर)
  • वन विभाग (फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड)

Major decision for ex-Agniveers in Delhi नियमों में संशोधन के लिए 30 जून की समय-सीमा तय

इस महत्वपूर्ण नीति को बिना किसी देरी के लागू करने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य सचिव (Chief Secretary), दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों को भर्ती नियमों (Recruitment Rules) में आवश्यक बदलाव करने के लिए 30 जून 2026 तक की अंतिम समय-सीमा (Deadline) दी है। इसके अलावा, सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे पूर्व-अग्निवीरों की विशेष योग्यताओं और सैन्य क्षमताओं के आधार पर उन्हें उचित पदों पर तैनात कर सकें।

Major decision for ex-Agniveers in Delhi पूरे देश के अग्निवीरों के लिए खुलेंगे रास्ते, ‘विकसित दिल्ली’ को मिलेगी मजबूती

इस नीति की सबसे खास बात यह है कि दिल्ली सरकार की इन भर्तियों में देश के किसी भी राज्य या हिस्से के पात्र पूर्व-अग्निवीर आवेदन करने के योग्य होंगे, जिससे सभी को समान अवसर मिल सके। उपराज्यपाल ने कहा कि इन समर्पित और उच्च प्रशिक्षित युवाओं को हमारे नागरिक तंत्र (Civic Framework) में शामिल करने से न केवल सरकारी संस्थाओं की कार्यकुशलता मजबूत होगी, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह कदम एक सुरक्षित, प्रगतिशील और ‘विकसित दिल्ली’ के सामूहिक विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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