New Delhi : देशभर में पेट्रोल, डीजल और E20 फ्यूल की गुणवत्ता तथा उसमें मिलावट को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईंधन में मिलावट की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि देश के फ्यूल स्टेशनों पर आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन की गुणवत्ता बेहद उच्च स्तर की है। आम जनता को शुद्ध ईंधन मुहैया कराने के उद्देश्य से तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा सुरक्षा और जांच के कड़े मानक अपनाए जा रहे हैं।
New Delhi 87 हजार से अधिक आउटलेट्स पर रोज हो रही 8 से 12 बार चेकिंग
मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, तेल विपणन कंपनियां रोजाना स्तर पर ईंधन की शुद्धता की निगरानी करती हैं। मौजूदा एडवांस टेस्टिंग प्रोटोकॉल के अलावा अब अतिरिक्त जांच अभियान भी शुरू किया गया है। इसके तहत देशभर में स्थित 87,000 से भी अधिक पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी के रिसाव (Water Ingress) की सघन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में ईंधन में पानी का मिश्रण न हो सके।
New Delhi 2000 से अधिक सैंपलों की जांच में सिर्फ 2 जगह मिली गड़बड़ी, बिक्री तुरंत ठप
केमिकल मिलावट को रोकने के लिए मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर विशेष जांच अभियान चलाया। इसके तहत क्लोराइड और सल्फाइड जैसे हानिकारक तत्वों की मिलावट का पता लगाने के लिए देशभर से 2,000 से अधिक ईंधन के नमूने एकत्र कर लैब्स में टेस्ट किए गए। व्यापक जांच के दौरान पूरे देश में क्लोराइड मिलावट के केवल 2 छिटपुट मामले ही सामने आए। गड़बड़ी उजागर होते ही संबंधित पेट्रोल पंपों से ईंधन की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई।
मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई, सप्लाई चेन की निगरानी के सख्त निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर गुणवत्ता से समझौता या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित डीलर के खिलाफ कठोर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही तेल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे रिफाइनरी से लेकर पेट्रोल पंप तक पूरी सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखें और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए अग्रिम कदम उठाएं।

