HazaribaghHazaribagh
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रिपोर्टर: रूपेश कुमार दस

Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग में हुए बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस की धीमी जांच को लेकर सियासत गरमा गई है। घटना के चार महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी हत्यारों का सुराग न मिलने पर कांग्रेस नेता अकेला यादव ने हजारीबाग पुलिस की कार्यशैली और राज्य सरकार की चुप्पी पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए केस को आपराधिक जांच विभाग (CID) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की जोरदार वकालत की है।

Hazaribagh 4 महीने बीतने पर भी पुलिस के हाथ खाली, उठ रहे सवाल

हजारीबाग में हुए इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया था। हालांकि, वारदात के महीनों बाद भी पुलिस द्वारा किसी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न हो पाना और मामले का पटाक्षेप न करना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इतने लंबे समय तक हत्याकांड की गुत्थी न सुलझना सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस की विफलता और शिथिलता को दर्शाता है, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल पनप रहा है।

Hazaribagh “पुलिस की निष्क्रियता से हो रही गठबंधन सरकार की बदनामी”

अपनी ही गठबंधन सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए अकेला यादव ने खुलकर कहा कि पुलिस प्रशासन की ढिलाई का असर राज्य सरकार की छवि पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली के कारण झारखंड सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन की साख धूमिल हो रही है। यदि स्थानीय पुलिस अक्षम साबित हो रही है, तो उच्चस्तरीय एजेंसियों को तुरंत यह मामला सौंप देना चाहिए।

उच्चस्तरीय जांच की मांग के बाद बढ़ा प्रशासनिक दबाव

कांग्रेस नेता के इस आक्रामक रुख के बाद अब जिला प्रशासन और पुलिस महकमे पर दबाव काफी बढ़ गया है। हजारीबाग ट्रिपल मर्डर केस में पीड़ितों के परिजन और स्थानीय नागरिक लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय इस मामले को संज्ञान में लेकर CID/CBI जांच की सिफारिश करते हैं या स्थानीय पुलिस जल्द ही इस बहुचर्चित मामले का खुलासा करने में कामयाब होती है।

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