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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Humanity Shamed in Dabra : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ दिलाने के नाम पर एक असहाय गरीब परिवार के बने-बनाए घर को ही हड़प लिया गया। इस पूरे जालसाजी का आरोप ऑनलाइन काम करने वाले एक स्थानीय व्यक्ति रामू गुप्ता पर लगा है, जिसने रसूख के दम पर पिछले 6 वर्षों से इस घिनौने खेल को अंजाम दिया। अब जाकर इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है।

Humanity Shamed in Dabra सरकारी योजना की आड़ में रची गई बड़ी साजिश

पीड़ित राकेश करण और उनकी पत्नी फूलवती कुछ साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के आवेदन के लिए रामू गुप्ता की दुकान पर गए थे। आरोप है कि रामू ने योजना का फॉर्म भरने के बजाय उनके भोलेपन का फायदा उठाया। उसने पीड़ितों के नाम पर एक फर्जी बैंक खाता खुलवाया, उसकी चेकबुक हासिल की और धोखे से कागजातों व स्टांप पेपर पर अंगूठे के निशान ले लिए। इसके बाद एक फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर चुपके से पीड़ित के मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। पीड़ित राकेश का कहना है, “हम सोचते रहे कि सरकार हमें घर दे रही है, पर उसने हमें ठग लिया।”

Humanity Shamed in Dabra जांच में हुआ बड़ा खुलासा: ज्यूडिशियल स्टांप का किया गलत इस्तेमाल

इस मामले की गहराई से की गई पड़ताल में एक बड़ा कानूनी झोल सामने आया है। जालसाजी को अंजाम देने के लिए जिस एग्रीमेंट का सहारा लिया गया, उसमें ‘ज्यूडिशियल स्टांप’ (Judicial Stamp) का उपयोग किया गया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक, ज्यूडिशियल स्टांप केवल अदालती और वकीलों के कामकाज के लिए मान्य होते हैं, किसी भी अचल संपत्ति या मकान के क्रय-विक्रय (एग्रीमेंट) के लिए इनका इस्तेमाल पूरी तरह अमान्य है। इससे साफ होता है कि पूरी रजिस्ट्री ही फर्जी और अवैध दस्तावेजों के आधार पर खड़ी की गई थी।

Humanity Shamed in Dabra रसूख के खिलाफ पीड़ितों की जंग, पुलिस ने दिए यथास्थिति के आदेश

पीड़ित परिवार पिछले 6 सालों से न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहा है। उनका आरोप है कि आरोपी रामू गुप्ता अपनी आर्थिक ताकत और रसूख के बल पर उन्हें बेघर करने की धमकी दे रहा है। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (420) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल, विवादित मकान पर पुलिस प्रशासन द्वारा यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।

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