रिपोर्टर: केशव शर्मा
Noida : दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा की सड़कों पर अब गाड़ियाँ पहले की तरह तेजी से नहीं दौड़ सकेंगी। नोएडा प्राधिकरण ने शहर में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने शहर के एक्सप्रेसवे, मुख्य मार्गों और अंदरूनी (सेक्टर) सड़कों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा (स्पीड लिमिट) को घटाने का एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना को जल्द ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
Noida एक्सप्रेसवे पर अब 100 नहीं, सिर्फ 80 की स्पीड; कैमरों में होगा बदलाव
नए प्रस्ताव के तहत, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार को 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर अब 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय किया जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण यह फैसला लिया गया है। सीईओ की हरी झंडी मिलते ही सड़कों पर नए स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड लगा दिए जाएंगे। इसके साथ ही, आईएसटीएमएस (ISTMS) के तहत लगे हाईटेक स्पीड डिटेक्शन कैमरों को भी नए नियमों के अनुसार री-सेट किया जाएगा, ताकि ओवरस्पीडिंग करने वालों के ऑटोमैटिक चालान काटे जा सकें।
Noida जानें आपके रूट की नई स्पीड लिमिट (प्रस्तावित तालिका)
सड़क हादसों को रोकने के लिए प्राधिकरण ने शहर की सड़कों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर नई गति सीमा तय की है:
| सड़क / मुख्य मार्ग | पहले कितनी थी स्पीड | अब कितनी होगी (प्रस्तावित) |
| नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे | 100 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा |
| मास्टर प्लान रोड नंबर-1, 2 और 3 | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| डीएससी (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) रोड | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| नोएडा की अन्य मुख्य सड़कें | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| आंतरिक (सेक्टरों की अंदरूनी) सड़कें | 60 किमी/घंटा | 40 किमी/घंटा |
Noida सिग्नल फ्री रूट्स और ‘मॉडल रोड’ की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि स्पीड लिमिट घटाने के साथ-साथ सड़कों को सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर भी काम चल रहा है। मास्टर प्लान रोड नंबर-1 को आगामी सितंबर तक पूरी तरह सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा। इसके अलावा, रजनीगंधा अंडरपास से लेकर सेक्टर-60 यूफ्लेक्स तक 6 लेन के एलिवेटेड रोड का भी प्रस्ताव है। शहर की प्रमुख सड़कों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में बदला जाएगा, जहाँ राहगीरों के लिए वाईफाई कनेक्टिविटी, स्मार्ट बेंच, मॉडर्न बस व टैक्सी स्टैंड और अंडरग्राउंड डस्टबिन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।

