रिपोर्टर: गुरमीत मान
Gurmeet Ram Rahim Singh Parole Days Data : दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म के मामले में 20 साल की कैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में 26 मई, 2026 को मिली 30 दिनों की पैरोल पूरी कर वह 24 जून, 2026 को वापस जेल लौटे हैं। साल 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 16वां मौका था जब राम रहीम को अस्थायी रूप से जेल से बाहर आने की अनुमति (पैरोल/फर्लो) मिली। आंकड़ों के मुताबिक, अपनी सजा के दौरान वह अब तक कुल 435 दिन जेल से बाहर बिता चुके हैं।
Gurmeet Ram Rahim Singh Parole Days Data दुष्कर्म के दो मामलों में मिली थी 20 साल की कड़ी सजा
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह ने साल 2002 के दो अलग-अलग दुष्कर्म मामलों में राम रहीम को दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोनों मामलों में 10-10 साल यानी कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।
Gurmeet Ram Rahim Singh Parole Days Data पैरोल और फर्लो के बार-बार मिलने पर उठते रहे हैं सवाल
सजा की शुरुआत के बाद से ही राम रहीम को हरियाणा सरकार और जेल प्रशासन द्वारा बार-बार पैरोल और फर्लो दिए जाने को लेकर देश भर में बहस छिड़ी हुई है। आलोचक और कानूनी विशेषज्ञ इतनी बार जेल से बाहर आने की अनुमति मिलने पर सवाल उठाते रहे हैं। 2026 की ताजा पैरोल को मिलाकर अब तक कुल 16 बार उसे अलग-अलग कानूनी आधारों पर जेल से रिहाई दी जा चुकी है, जिसके कारण वह एक साल से भी अधिक समय (435 दिन) सलाखों से दूर रहा है।
Gurmeet Ram Rahim Singh Parole Days Data अदालती आदेशों और नियमों के तहत मिलती रही है राहत
प्रशासन और राम रहीम के कानूनी सलाहकारों का हमेशा से यह तर्क रहा है कि पैरोल या फर्लो पाना हर कैदी का कानूनी अधिकार है और यह जेल नियमावली (Prison Manual) के तहत अच्छे आचरण के आधार पर दिया जाता है। हालांकि, सामाजिक संगठनों और विपक्ष द्वारा समय-समय पर इस राहत को राजनीतिक लाभ और डेरा प्रमुख के बड़े वोट बैंक के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता रहा है।

