रिपोर्टर: मनोज कुमार
Katihar : बिहार के कटिहार जिला अंतर्गत फलका थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक प्रीतम कुमार उर्फ गोलू की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। महज 7 हजार रुपये के पुराने लेन-देन के विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
Katihar लावारिस ई-रिक्शा और धान के खेत से मिला था बंधा हुआ शव
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) सुनील कुमार शर्मा के अनुसार, 7 अगस्त की देर रात गोपालपट्टी निवासी नीलम देवी ने अपने पुत्र प्रीतम के लापता होने की सूचना दी थी। छानबीन के दौरान मांगनपट्टी मार्ग पर चालक का लावारिस ई-रिक्शा मिला। इसके बाद सघन तलाशी अभियान चलाते हुए बभनी बहियार स्थित धान के खेत से प्रीतम का हाथ-पैर बंधा हुआ शव बरामद किया गया। घटना के संबंध में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (कांड संख्या 198/26) दर्ज की गई थी।
Katihar वैज्ञानिक साक्ष्यों और विशेष टीम की मदद से दबोचे गए अपराधी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीएमओ सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया। इस कार्रवाई में एफएसएल (FSL) टीम, डॉग स्क्वायड, एसटीएफ और जिला डीआईयू की तकनीकी मदद ली गई। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सोहथा गांव के निवासी तीन आरोपियों—दिलीप कुमार, दीपक कुमार और साजन कुमार को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने कबूला जुर्म, एक का पुराना आपराधिक इतिहास
कड़ाई से की गई पूछताछ में तीनों आरोपियों ने कबूल किया कि 7 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद के कारण उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रीतम की हत्या की और शव को छुपाने के लिए खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल भी जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपी दिलीप कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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