By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को मजबूत और भविष्योन्मुखी बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। केंद्र की पीएमश्री योजना के तहत प्रदेश के 799 सरकारी स्कूलों को चुना गया है, जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आदर्श और समावेशी संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।
ढांचागत सुधार और हरित पहल
स्कूल शिक्षा विभाग हर सत्र में इन पीएमश्री स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है। कक्षाओं, लैबोरेट्री, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं का उन्नयन लगातार किया जा रहा है, ताकि पढ़ाई का माहौल बेहतर हो सके।
हरित स्कूल की अवधारणा को अपनाते हुए इन संस्थानों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। साथ ही स्वच्छ पेयजल, उचित स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे छात्रों में पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता भी बढ़ेगी।
डिजिटल और नवाचारी शिक्षा
तकनीकी एकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी उच्च और उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री स्कूलों में आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव पैनल और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
इसके अलावा प्रदेश में 458 अटल टिंकरिंग लैब बनाई जा रही हैं, जो छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देंगी।
सर्वांगीण विकास पर फोकस
छात्रों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए खेलकूद, योग और संगीत की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
नियमित रूप से गणित-विज्ञान सर्किल, कैरियर गाइडेंस सेशन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, समर कैंप और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
पीएमश्री योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश के ये 799 स्कूल जल्द ही आधुनिक शिक्षा के चमकते उदाहरण बनेंगे, जो न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे बल्कि छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार भी करेंगे।

