Dabur FSSAI ActionDabur FSSAI Action
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Dabur FSSAI Action : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक विज्ञापनों और दावों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख एफएमसीजी (FMCG) कंपनी ‘डाबर इंडिया लिमिटेड’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने कंपनी को अपने उन तमाम खाद्य उत्पादों को बाजार से तुरंत वापस लेने का निर्देश दिया है, जिन पर ‘100% शुद्ध’, ‘100% प्राकृतिक’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे किए गए हैं। इस खबर के सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में डाबर इंडिया के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।

Dabur FSSAI Action FSSAI की कार्रवाई: ‘100% शुद्धता’ के दावे नियम विरुद्ध और भ्रामक

खाद्य नियामक FSSAI के अनुसार, डाबर की आधिकारिक वेबसाइट और उत्पादों के पैक पर ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% ऑर्गेनिक’ और ‘100% टेंडर’ जैसे शब्दों का उपयोग खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियमन, 2018 का स्पष्ट उल्लंघन है। नियामक का मानना है कि इस तरह के दावे अस्पष्ट हैं, जिन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया जा सकता और ये आम उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं। इस प्रतिबंध के दायरे में डाबर का शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और कोकोनट मिल्क जैसे लोकप्रिय उत्पाद शामिल हैं।

Dabur FSSAI Action जैविक भारत लोगो का अनधिकृत इस्तेमाल और पूर्व नोटिस की अनदेखी

FSSAI ने अपनी जांच में पाया कि ‘डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर’ और ‘डाबर ऑर्गेनिक हनी’ पर वैध एफएसएसएआई ऑर्गेनिक मंजूरी के बिना ही ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) के लोगो का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो कि ऑर्गेनिक फूड्स नियम 2017 का उल्लंघन है। इसके अलावा, ‘डाबर होममेड कोकोनट मिल्क’ पर ‘100% प्योरिटी’ का दावा किया गया था, जो मिश्रित खाद्य पदार्थों (Compound Foods) के लिए अनुमत नहीं है। नियामक ने स्पष्ट किया कि कंपनी को पहले भी इन भ्रामक दावों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन संतोषजनक सुधार न होने पर यह सख्त आदेश जारी किया गया है। कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपने का निर्देश दिया गया है।

Dabur FSSAI Action डाबर की सफाई: नियमों के पालन का दावा, लेबल बदलने की प्रक्रिया शुरू

कार्रवाई के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में डाबर का शेयर टूटकर ₹408.25 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार को दी गई जानकारी में डाबर इंडिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी अपने सभी उत्पादों की शुद्धता और गुणवत्ता पर पूरी तरह कायम है और उसने कभी कोई भ्रामक दावा नहीं किया है। कंपनी ने कहा कि उसके लेबल मौजूदा कानूनी ढांचे और उद्योग के मानकों के अनुरूप हैं। हालांकि, एक जिम्मेदार कॉरपोरेट संस्था होने के नाते, डाबर ने विवादित उत्पादों से ‘100%’ का दावा हटाने और नए लेबल पेश करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। कंपनी का दावा है कि इस आदेश का उसके समग्र व्यवसाय और वित्तीय स्थिति पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।

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