रिपोर्टर: विपिन साहू
Vishakha Rathod Extradition : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए एक बड़े आर्थिक घोटाले की वांछित आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित करा लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर चलाए गए इस संयुक्त अभियान के तहत आरोपी को देश वापस लाया गया है। सीबीआई की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल आर्थिक अपराध करने वालों को कड़ा संदेश गया है, बल्कि ठगी का शिकार हुए निवेशकों में भी अपनी गाढ़ी कमाई वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
Vishakha Rathod Extradition गारंटेड रिटर्न के नाम पर निवेशकों को जाल में फंसाया
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी विशाखा राठौड़ पर अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने और आम लोगों को चूना लगाने का आरोप है। उसने विभिन्न फर्जी निवेश योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर निवेशकों को “हर महीने निश्चित और गारंटेड रिटर्न” देने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर सैकड़ों निवेशकों ने अपनी मेहनत की कमाई उसमें लगा दी। मोटी रकम जुटाने के बाद आरोपी ने उस पैसे का गबन कर लिया और विदेश फरार हो गई।
Vishakha Rathod Extradition डीमैट और बैंक खातों के जरिए फर्जीवाड़ा, रेड नोटिस से पकड़ी गई आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि धोखाधड़ी से इकट्ठा की गई राशि के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए उसे कई फर्जी बैंक खातों और डीमैट खातों में ट्रांसफर किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (इंटरपोल) की मदद से आरोपी के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी करवाया था। यूएई अधिकारियों से संपर्क साधकर उसे वहां हिरासत में लिया गया और आखिरकार भारत लाने में सफलता प्राप्त हुई।
Vishakha Rathod Extradition नेटवर्क के सफाए के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ तेज
सीबीआई अब आरोपी विशाखा राठौड़ को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य इस आर्थिक घोटाले में शामिल अन्य मास्टरमाइंड्स, शेल कंपनियों के नेटवर्क और निवेशकों के पैसों की मनी ट्रेल का पता लगाना है। हालांकि, आरोपी की कंपनी और उसकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को लेकर विस्तृत जानकारी अभी जांच के घेरे में है। पुलिस और सीबीआई की यह संयुक्त सफलता वित्तीय अपराधियों के खिलाफ एक नजीर साबित होगी।

