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New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत देश भर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवा डिजिटल माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व सभी प्रतिभागियों ने एक साथ भारत को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।

New Delhi ‘नशे को हराने वाला युवा समाज का सच्चा योद्धा’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की युवा पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ व आत्मविश्वास से लबरेज हो। उन्होंने कहा कि जो युवा नशे की लत को परास्त कर बाहर निकलता है, वह समाज के लिए एक योद्धा की तरह है। समाज को उसका सम्मान करना चाहिए और उसके पुराने अतीत को उसकी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। पीएम ने शैक्षणिक संस्थानों और प्रोफेसरों से अपील की कि वे अपने स्तर पर भी कॉलेजों में नशे के खिलाफ मुहिम चलाएं, वहीं दूसरी ओर नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

New Delhi 100 हफ्तों तक चलेगा ‘जन भागीदारी’ अभियान

यह पहल 100 सप्ताह तक चलने वाले एक विशाल जन-आंदोलन की शुरुआत है। इसके तहत हर रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन साप्ताहिक गतिविधियों में खेलकूद, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, नुक्कड़ नाटक, कला प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। इस अभियान में MYBharat और NSS के स्वयंसेवकों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, यूथ क्लब और एनजीओ बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

आध्यात्मिक गुरुओं और राज्यों के शीर्ष नेतृत्व का मिला समर्थन

इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों का भी भरपूर सहयोग रहा। पूज्य अम्मा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी समेत प्रमुख आध्यात्मिक गुरुओं के साथ-साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह अभियान ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले जैसे 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों तथा औद्योगिक संघों के साझा प्रयास से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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