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रिपोर्टर: अविनाश श्रीवास्‍तव

Sasaram : बिहार के रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सासाराम स्थित मंडल कारा में बंद विचाराधीन बंदियों में से एक, अमरजीत यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के विरोध में जनसुराज पार्टी के युवा विंग के जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह यादव समाहरणालय परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (आमरण अनशन) पर बैठ गए हैं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे शुरू हुआ अनशन

Sasaram जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने समाहरणालय परिसर में स्थापित संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकजुट होकर अपना धरना-प्रदर्शन शुरू किया। जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह यादव ने कहा कि जब तक मृतक कैदी के परिवार को उचित न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा।

कस्टोडियल डेथ का आरोप और न्यायिक जांच की मांग

Sasaram प्रदर्शनकारियों और जनसुराज नेताओं का साफ कहना है कि अमरजीत यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि पुलिस या जेल प्रशासन की कस्टडी में हुई मौत (कस्टोडियल डेथ) है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

Sasaram अनशन पर बैठे बलजीत सिंह यादव ने प्रशासन और सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • घटना की त्वरित न्यायिक जांच कराई जाए।
  • मृतक अमरजीत यादव के पीड़ित परिवार को तत्काल ₹25 लाख का वित्तीय मुआवजा दिया जाए।
  • मृतक की पत्नी को जीवन यापन के लिए सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

जनसुराज नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।

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