रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़खानी की घिनौनी वारदात को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जमुई जिला विधिज्ञ संघ द्वारा आरोपियों की ओर से कोई भी केस न लड़ने के लिए गए फैसले का अब शेखपुरा जिला विधिज्ञ संघ ने भी पूर्ण समर्थन किया है। शेखपुरा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिवक्ताओं ने इस फैसले पर अपनी मुहर लगाई।
घटना की कड़े शब्दों में निंदा और त्वरित पुलिस कार्रवाई की सराहना
Sheikhpura पत्रकारों को संबोधित करते हुए शेखपुरा विधिज्ञ संघ के महासचिव विनोद कुमार सिंह ने कहा कि जमुई में छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। ऐसे जघन्य अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घटना के सामने आते ही तत्परता दिखाते हुए आरोपियों पर तुरंत कानूनी शिकंजा कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन की भी सराहना की।
जमुई विधिज्ञ संघ के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत
Sheikhpura महासचिव विनोद सिंह ने कहा कि जमुई जिला विधिज्ञ संघ ने पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने और अपराधियों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से जो कदम उठाया है, वह स्वागत योग्य है। जमुई संघ ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि उनके संघ का कोई भी अधिवक्ता आरोपी पक्ष की तरफ से पैरवी नहीं करेगा। यह फैसला सामाजिक सरोकार और न्याय के प्रति अधिवक्ताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शेखपुरा संघ का सख्त रुख: आरोपियों के समर्थन में नहीं जाएगा कोई वकील
Sheikhpura जमुई के अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए शेखपुरा जिला विधिज्ञ संघ ने भी सख्त रुख अपनाया है। संघ ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि शेखपुरा जिले से भी कोई भी वकील जमुई जाकर आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। वकीलों के इस फैसले से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में अधिवक्ताओं का समाज पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा है।
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