रिपोर्टर :- ऋषभ कुमार
Nawada : बिहार के नवादा जिले से सरकारी व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करने वाली एक ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है। रजौली प्रखंड के धमनी पंचायत स्थित बुढ़ियाशाख और सवैयाटांड़ पंचायत के सिमरतरी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शनिवार सुबह 8 बजे ताले लटकते पाए गए। केंद्र से न केवल आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका नदारद मिलीं, बल्कि नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचने वाली सरकारी योजनाओं को भी खुलेआम पलीता लगाया जा रहा है।

Nawada बच्चों की ‘पहली सीढ़ी’ से खिलवाड़, हमेशा लटके रहते हैं ताले
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित इन आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले कभी नहीं खुलते हैं। नियमों के मुताबिक, यहां से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को पौष्टिक आहार (दाल, घी आदि) दिया जाना चाहिए ताकि वे स्वस्थ और रोग मुक्त रह सकें। इसके अलावा, आंगनबाड़ी को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की ‘पहली सीढ़ी’ माना जाता है। लेकिन जब यह बुनियादी सीढ़ी ही नदारद है, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश के भविष्य की नींव किस तरह कमजोर की जा रही है।

Nawada लाखों की इमारतें फांक रहीं धूल, कर्मचारियों की भारी मनमानी
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री के स्वस्थ और शिक्षित भारत के सपनों को धरातल पर उतारने के बजाय, यहां की सेविकाएं, सहायिकाएं और सुपरवाइजर पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रही हैं। सरकार केंद्रों पर बच्चों की पढ़ाई के लिए खेल-कूद की सामग्री और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लाखों रुपये की लागत से भवन बनाए गए हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं, जिससे पूरी योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
Nawada सीडीपीओ ने दिया नेटवर्क का हवाला, दोनों केंद्रों से मांगा गया स्पष्टीकरण
इस घोर लापरवाही और केंद्रों पर ताले लटके मिलने के मामले में जब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) सीता कुजूर से बात की गई, तो उन्होंने सुदूर इलाकों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावर और नेटवर्क की भारी समस्या है, जिसके कारण फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) से हाजिरी बनाने में परेशानी आती है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने आश्वासन दिया है कि ड्यूटी के समय बंद पाए गए दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों से सख्त स्पष्टीकरण (Show-Cause) मांगा जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

