रिपोर्टर: ईशु कुमार
Rajouri : जम्मू-कश्मीर से एक बार फिर सीमा पार की नापाक हरकतों को नाकाम करने वाली बड़ी खबर आ रही है। राजौरी जिले के दोरिमाल के दुर्गम और घने जंगलों में भारतीय सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार दोपहर को भीषण मुठभेड़ (Encounter) शुरू हो गई। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और वर्तमान में 2 से 3 खूंखार आतंकियों के घिरे होने की प्रबल आशंका है। देश के सजग प्रहरी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मोर्चे पर डटे हुए हैं।
Rajouri खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन, खुद को घिरा देख आतंकियों ने खोली गोलीबारी
सुरक्षा एजेंसियों को राजौरी के दोरिमाल जंगली क्षेत्र में कुछ संदिग्ध हथियारों से लैस आतंकवादियों की मूवमेंट की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष दस्ते ने तत्काल संयुक्त तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख, घने पेड़ों की आड़ में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जांबाजों ने भी तुरंत पोजीशन लेते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद यह सर्च ऑपरेशन मुठभेड़ में तब्दील हो गया।
Rajouri किश्तवाड़ में पहले ही ध्वस्त हो चुका है आतंकियों का नेटवर्क, मारा गया था मास्टरमाइंड सैफुल्लाह
घाटी में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भारतीय सेना लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कर रही है। इसी साल फरवरी के महीने में भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने किश्तवाड़ जिले से आतंकी नेटवर्क के पूर्ण सफाए का ऐतिहासिक ऐलान किया था। लगभग 326 दिनों तक चले कड़े अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दुर्दांत कमांडर और किश्तवाड़ आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ‘सैफुल्लाह’ समेत सात आतंकियों को ढेर कर नेटवर्क की कमर तोड़ दी थी। इस बड़े ऑपरेशन में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर काम किया था।
Rajouri ‘भूगोल रहना है या इतिहास, पाकिस्तान खुद तय करे’ – सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की दोटूक चेतावनी
राजौरी में जारी इस ताजा मुठभेड़ के बीच, पिछले सप्ताह सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा पाकिस्तान को दी गई कड़ी चेतावनी बेहद प्रासंगिक हो गई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख दोहराते हुए सेना प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि पड़ोसी मुल्क अपनी सरजमीं पर आतंकवादियों को पनाह देना और भारत विरोधी नीतियां बंद नहीं करता है, तो उसे यह खुद तय करना होगा कि वह दुनिया के भूगोल (Geography) का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास (History) का। सेना प्रमुख का यह कड़ा संदेश साफ करता है कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।

