रिपोर्टर: दिनेश कुमार
Patna : भारतीय रेलवे में वर्ष 2026-27 के दौरान कुल स्वीकृत पदों के 2 प्रतिशत (लगभग 29,608 पदों) को सरेंडर (खत्म) करने के रेलवे बोर्ड के आदेश के खिलाफ चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। भारतीय रेलवे मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर, पूर्वी रेलवे कर्मचारी संघ (जमालपुर) ने इस जनविरोधी नीति के खिलाफ ‘विरोध सप्ताह’ मनाया। इस दौरान रेल कर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर अपनी आवाज बुलंद की।
Patna एशिया के प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाने पर जुटी भीड़, दिग्गजों ने भरी हुंकार
इस विरोध सप्ताह के तहत एशिया के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाना, जमालपुर के गेट नंबर-1 पर एक विशाल विरोध सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संघ के सचिव चंदन शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शाखा सचिव द्वारा किया गया। इस सभा में रेलवे यूनियन के कई शीर्ष नेता और पदाधिकारी शामिल हुए:
| नाम | पद/भूमिका |
| श्री विष्णुकांत शर्मा | मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, भारतीय रेलवे मजदूर संघ |
| श्री विजय चौरसिया | मुख्य अतिथि एवं पूर्व अध्यक्ष, पूर्वी रेलवे कर्मचारी संघ |
| श्री अंबिका प्रसाद | विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व अध्यक्ष, पूर्वी रेलवे कर्मचारी संघ |
| श्री भानु पाठक | सम्मानित अतिथि |
| विद्यासागर | जमालपुर अध्यक्ष, कर्मचारी संघ |
इस अवसर पर संगठन मंत्री श्री धीरज सिंहा, सहायक संगठन मंत्री श्री अजय कुमार वर्मा और पप्पू जी समेत सैकड़ों रेल कर्मी उपस्थित थे।
Patna ‘सुरक्षा श्रेणी के पदों से कोई समझौता मंजूर नहीं’ – वक्ताओं की दोटूक
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और अन्य अतिथियों ने रेल मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि रेल मंत्रालय की शिथिलता और उदासीनता के कारण आज रेल कर्मचारियों को अत्यधिक मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
“जिस तरह से रेलवे में स्वीकृत पदों को लगातार खत्म किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक और दुखद है। इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। किसी भी कीमत पर ‘सुरक्षा श्रेणी’ (Safety Category) का एक भी पद सरेंडर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे रेल संचालन और यात्रियों की सुरक्षा सीधे तौर पर प्रभावित होगी।”
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे बोर्ड ने अपने इस नीतिगत फैसले को वापस नहीं लिया, तो रेल कर्मियों के बीच असंतोष की भावना और तीव्र होगी, जिससे औद्योगिक शांति भंग हो सकती है।
Patna मुख्य कारखाना प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन, रेलवे बोर्ड तक पहुंचेगी गूंज
विरोध प्रदर्शन के अंतिम चरण में संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमालपुर कारखाने की विभिन्न स्थानीय समस्याओं और रेलवे बोर्ड के इस आदेश के विरोध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जमालपुर कारखाने के मुख्य कारखाना प्रबंधक (CWM) विनय कुमार बरनवाल और उप मुख्य कार्मिक पदाधिकारी (Dy. CPO) के माध्यम से रेलवे बोर्ड को प्रेषित किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि यदि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए नीतिगत और सकारात्मक निर्णय नहीं लिए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

