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रिपोर्टर: ईशु कुमार

Manipur : मणिपुर में शांति और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के कांगपोकपी जिले के चार हिंसा प्रभावित गांवों में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। बुधवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई में सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद करने में सफलता मिली है। इसके साथ ही उपद्रवियों द्वारा बनाए गए कम से कम 30 अवैध बंकरों, चौकियों और रणनीतिक शिविरों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।

Manipur इन संवेदनशील गांवों में चला महा-अभियान

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई लेमाखोंग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लेइलोन वाइफेई, लेइलोन खुनौ, एल मुनलुई और कोनसाखुल गांवों में चलाई गई। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि लेइलोन वाइफेई वही क्षेत्र है जहां बीते 13 मई को छह नागा पुरुषों का अपहरण किया गया था और बाद में 10 जून को उनके शव बरामद हुए थे। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों में इन गांवों से लगातार गोलीबारी और हिंसक झड़पों की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने यह सख्त कदम उठाया।

Manipur भारी मात्रा में बारूद और युद्ध सामग्री बरामद

इस सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उपद्रवियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री जब्त की है। बरामद किए गए सामानों में 11 सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग (SBBL) बंदूकें, 12-बोर बंदूक के 294 जिंदा कारतूस, गन पाउडर (बारूद) के दो पैकेट, 34 खाली खोके और 6 बुलेटप्रूफ जैकेट शामिल हैं। इसके अलावा, चुराचांदपुर जिले के एस नबील और लोइलमकोई गांवों में भी सुरक्षा बलों ने एक अनधिकृत चेक पोस्ट और बंकर को नष्ट किया है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

Manipur नए डीजीपी खुद संभाल रहे हैं कमान, पूर्व मुख्यमंत्री ने की सराहना

राज्य में हाल के हफ्तों में बढ़ी हिंसक गतिविधियों को देखते हुए नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह खुद मैदान में उतरकर इन अभियानों की निगरानी कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर डीजीपी मुकेश सिंह के इस व्यावहारिक और कड़े रुख की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा बलों के इन कड़े प्रयासों से मणिपुर में जल्द ही अमन-चैन वापस लौटेगा। गौरतलब है कि मई 2023 से शुरू हुई मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

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