रिपोर्टर: संजीव कुमार शर्मा
Bhagalpur : बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के प्रांगण में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सबौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भागलपुर और आसपास के जिलों से आए सैकड़ों प्रगतिशील किसानों और कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

Bhagalpur माननीय मंत्री और विधायकों की मौजूदगी में हुआ भव्य शुभारंभ
इस उच्च स्तरीय कृषि कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के नगर विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री नीतीश मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भागलपुर के विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती के विधायक मुरारी पासवान और भाजपा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

Bhagalpur प्राकृतिक खेती ही टिकाऊ कृषि की असली गारंटी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता मंत्री नीतीश मिश्रा ने पर्यावरण और गिरते भूमि स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम अक्सर वर्तमान की चकाचौंध में खोकर भविष्य की सुध लेना भूल जाते हैं। लेकिन अगर आज हमने अपने खेतों की मिट्टी की सेहत की चिंता नहीं की, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन कभी सुखमय नहीं हो सकेगा।” उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए इसे टिकाऊ कृषि का एकमात्र जरिया बताया।
Bhagalpur कृषि को तकनीक से जोड़ेगा आईटी विभाग, किसानों से अपनाने की अपील
विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने एक बड़ा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि खेती-किसानी को डिजिटल रूप देने और नई तकनीकों को लागू करने में मदद की जरूरत होगी, तो राज्य का सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे तकनीक से डरें या दूर न भागें, बल्कि इसे अपनाकर अपनी लागत कम करें और फसलों का मुनाफा बढ़ाएं।

