रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Tale of Love and Betrayal in Supaul : बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेमजाल में फंसाकर एक कामकाजी युवती के साथ चार वर्षों तक छल किए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता सिमराही स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा के क्रेडिट कार्ड विभाग में कार्यरत है। युवती ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करने तथा सोने के जेवरात व नकदी लेकर फरार होने का संगीन आरोप लगाया है। स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के बाद अब पीड़िता ने इंसाफ के लिए सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
Tale of Love and Betrayal in Supaul प्रेमजाल में फंसाया, फिर देवघर मंदिर में रचाई दिखावे की शादी
पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, मोतीपुर पंचायत के बेरदह गांव के रहने वाले फुलेश्वर कुमार यादव ने करीब चार साल पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया था। युवक ने उसे हमेशा यह भरोसा दिया कि वह उससे ही शादी करेगा। युवती उसके बहकावे में आ गई और लगातार उस पर विश्वास करती रही। जब हाल ही में युवती ने शादी के लिए सामाजिक और पारिवारिक दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी उसे झारखंड के सुप्रसिद्ध देवघर स्थित शिव मंदिर ले गया। वहाँ भगवान को गवाह मानकर शादी की रस्में तो पूरी की गईं, लेकिन यह शादी महज एक दिखावा साबित हुई।
Tale of Love and Betrayal in Supaul ससुराल ले जाने के बदले दहेज की मांग, नगदी और जेवर लेकर हुआ फरार
मामले में नया मोड़ तब आया जब मंदिर में विवाह के बाद युवती ने अपने कथित पति से विदाई कराकर अपने घर (ससुराल) ले जाने की बात कही। आरोप है कि युवक और उसके परिजनों ने लड़की के सामने मोटी रकम और दहेज की मांग रख दी। पीड़िता का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, जिसके कारण वे दहेज की भारी-भरकम मांग पूरी करने में असमर्थ थे। इसी बीच, आरोपी युवक पीड़िता के पास रखे लगभग एक लाख रुपये नकद, उसके सोने-चांदी के जेवरात और कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर रातों-रात फरार हो गया।
Tale of Love and Betrayal in Supaul 4 वर्षों से झेल रही प्रताड़ना, अब इंसाफ की आस
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने अब उसे अपनी पत्नी मानने से साफ इनकार कर दिया है और वह पिछले चार सालों से लगातार मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दौर से गुजर रही है। समाज और लोक-लाज के डर के बीच जब उसे कहीं से मदद नहीं मिली, तो उसने कानून का सहारा लेने का फैसला किया। इस संवेदनशील मामले के प्रकाश में आने के बाद सिमराही नगर पंचायत क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर आरोपी पक्ष की तरफ से कोई सफाई सामने नहीं आई है, और मामला अब न्यायालय के अधीन है।
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