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Report by: Santosh Saravagi

Dabra : मध्य प्रदेश के डबरा में आम जनमानस की सेहत से खिलवाड़ करने वालों और खराब गुणवत्ता वाला भोजन परोसने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। शहर में मिल रही लगातार शिकायतों के बाद, एसडीएम के सख्त निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ‘वैष्णो होटल’ पर औचक कार्रवाई की है। इस छापे से शहर के बाकी रेस्टोरेंट और होटल संचालकों में भारी दहशत का माहौल है।

Dabra लगातार मिल रही शिकायतों पर कड़ा एक्शन

प्रशासन के संज्ञान में यह बात लंबे समय से आ रही थी कि डबरा शहर के कई प्रमुख रेस्टोरेंट्स और होटलों में ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, डबरा एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी और उनकी टीम को औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए। इसी निर्देश के पालन में टीम ने शहर के प्रसिद्ध ‘वैष्णो होटल’ पर अचानक दबिश दी।

Dabra रसोई की सघन तलाशी और लिए गए सैंपल

छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान, खाद्य विभाग की टीम ने सीधे रेस्टोरेंट की रसोई (किचन) का रुख किया। वहां रखे हुए कच्चे माल, पके हुए भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्था की बहुत बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने गुणवत्ता परखने के लिए मौके से तुरंत पनीर और आटे के सैंपल (नमूने) एकत्र किए। इन सभी सैंपलों को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है और अब इन्हें विस्तृत जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैब भेजा जा रहा है। जांच के दौरान रेस्टोरेंट के संचालक, सचिन गुप्ता ने टीम के समक्ष अपने व्यवसाय से जुड़े जरूरी कागजात भी प्रस्तुत किए।

Dabra कार्रवाई के डर से कई होटलों पर लटके ताले

शहर के बीचों-बीच खाद्य विभाग की इस बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई की खबर कुछ ही मिनटों में पूरे डबरा में फैल गई। प्रशासन की इस सख्ती को देखते हुए आसपास के अन्य ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में भारी अफरा-तफरी मच गई। जांच और जुर्माने के खौफ से कई छोटे-बड़े होटल संचालक अपने प्रतिष्ठानों पर आनन-फानन में ताला लगाकर वहां से रफूचक्कर हो गए।

Dabra लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम का कहना है कि फिलहाल वैष्णो होटल से लिए गए सैंपलों की लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच रिपोर्ट में पनीर या आटे में किसी भी प्रकार की मिलावट (Adulteration) की पुष्टि होती है या ये इंसानी उपभोग के लिए असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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