Report by: Ravindra Singh
Indore : नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुँच गया है। एमजी रोड थाना पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई यह पहली औपचारिक कानूनी कार्रवाई है।
Indore इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
भाजपा पार्षदों की लिखित शिकायत और सदन के भीतर के वायरल वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। लगभग साढ़े चार घंटे तक चली सघन पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों से संबंधित है।
Indore पूछताछ के दौरान पार्षदों का पक्ष
पूछताछ के दौरान दोनों महिला पार्षदों ने अपना-अपना तर्क रखा:
- रुबीना इकबाल खान: उन्होंने अपने एक पूर्व के विवादित बयान पर खेद प्रकट करते हुए माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक मान्यताओं के कारण वे ‘वंदे मातरम’ नहीं गाती हैं और उनके पास ऐसा करने की संवैधानिक स्वतंत्रता है।
- फौजिया शेख अलीम: उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कोई गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि वे जनता के मुद्दों पर चर्चा करना चाहती थीं, लेकिन भाजपा पार्षदों ने जानबूझकर मामले को भटकाया।
Indore कैसे भड़का विवाद? (विवाद की जड़)
सदन में हंगामे की शुरुआत तब हुई जब पार्षद फौजिया शेख अलीम बजट सत्र में देरी से पहुँचीं। संयोगवश प्रश्नकाल में उनका सवाल सूची में सबसे ऊपर था। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि वे राष्ट्रगीत से बचने के लिए जानबूझकर देरी से आईं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियों ने माहौल को और खराब कर दिया।
Indore राजनीतिक तूल और भविष्य की राह
इस घटना के बाद इंदौर की राजनीति दो ध्रुवों में बंट गई है। जहाँ भाजपा इसे ‘राष्ट्रवाद’ और राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे विपक्षी पार्षदों की आवाज दबाने और शहर के विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की ‘राजनीतिक साजिश’ बता रही है।
फिलहाल मामला पुलिस के पास है और दर्ज FIR के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। दोनों पार्षदों ने अपील की है कि इस मामले को शांत कर शहर के बुनियादी मुद्दों जैसे जल संकट और सड़क निर्माण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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