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रिपोर्टर: अभय परमार

New Delhi : नीट (NEET) और पेपर लीक प्रकरण के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (वीपी हाउस) में हुई इस डेढ़ घंटे से अधिक लंबी बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है।

New Delhi केंद्रीय मंत्रियों के साथ डेढ़ घंटे चला मंथन

बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने हिस्सा लिया। CJP प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने 5 पैराग्राफ की लिखित मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े सुझाव रखे। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और सरकार आंतरिक चर्चा के बाद शनिवार दोपहर CJP नेताओं से फिर मुलाकात करेगी।

CJP की 3 प्रमुख मांगें

  1. मुकदमों की वापसी: आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएं और कार्रवाई के लिए सरकार माफी मांगे।
  2. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से त्यागपत्र दें।
  3. पीड़ितों को मुआवजा: आत्महत्या करने वाले प्रभावित छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

New Delhi 2 शर्तों पर सहमति, इस्तीफे पर कल तक का समय

बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की दो मांगों पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का वक्त मांगा है। CJP नेताओं का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून ला रही सरकार

दूसरी तरफ, सरकार देश में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए एक बेहद कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून के तहत fast-track अदालतों के जरिए 3 महीने में मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसमें दोषियों के लिए 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान रखा गया है।

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