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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Vadodara : गुजरात के बहुचर्चित वडोदरा गैंगरेप मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी पांचों दोषियों को आखिरी सांस तक के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब 22 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने इस अपराध को समाज और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘अत्यंत जघन्य’ करार दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएम पवार की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही राज्य सरकार को पीड़िता को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

गरबा से लौटते समय दिया था वारदात को अंजाम

Vadodara घटना 4 अक्टूबर 2024 की रात की है, जब 16 वर्षीय पीड़िता अपने दोस्त के साथ स्कूटी से भयली इलाके से लौट रही थी। सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर पांच आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने पीड़िता के दोस्त को बंधक बना लिया और फिर नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से पीड़िता का मोबाइल फोन छीनकर विश्वामित्री नदी में फेंक दिया था।

सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर सजा

Vadodara अदालत में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने पीड़िता, उसके साथी, भाई और मां के बयानों को प्रत्यक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। इसके अलावा, पुलिस द्वारा एकत्र किए गए 26 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में से 3 कैमरों की फुटेज में आरोपी स्पष्ट रूप से नजर आ रहे थे। अदालत ने इन सभी डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों को मजबूत मानते हुए आरोपियों को दोषी ठहराया।

अदालत ने दिए कड़े आदेश

Vadodara न्यायालय ने फैसला सुनाते समय टिप्पणी की कि नवरात्रि जैसे पावन पर्व के दौरान महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ इस प्रकार की भयावह घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत द्वारा सजा पाने वाले दोषियों में मुन्ना अब्बास बंजारा, मुमताज उर्फ आफताब सुबेदार बंजारा, शाहरुख किस्मतअली बंजारा, सैफअली महेंदीहसन बंजारा और अजमल सतार बंजारा शामिल हैं। सभी को जेल भेज दिया गया है।

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