रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल स्थित आरएसएम पब्लिक स्कूल के प्राचार्य रतीश कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं, अवैध नियुक्ति प्रक्रिया और शिक्षकों के साथ पक्षपात समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान इन मामलों को उजागर करते हुए जिला अधिकारी से निष्पक्ष जांच की अपील की है। हालांकि, विद्यालय के प्राचार्य ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद करार दिया है।

नियुक्ति प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन में धांधली का आरोप
Supaul जन सुराज के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह का दावा है कि प्राचार्य पद पर रतीश कुमार की नियुक्ति में तय मानकों की अनदेखी की गई। उनका आरोप है कि आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने से पहले ही साक्षात्कार आयोजित कर लिया गया। इसके साथ ही, विद्यालय और छात्रावास में होने वाली खरीदारी, बैंक खातों, लेजर और बिलों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए इसकी ऑडिट कराने की मांग की गई है।
शिकायतों पर कार्रवाई न होने और धमकी देने की शिकायत
Supaul पत्रकार वार्ता में बताया गया कि मई 2026 में एक महिला द्वारा दी गई शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसके अतिरिक्त, एक छात्र के साथ अमर्यादित व्यवहार और समाचार प्रकाशित करने वाले एक स्थानीय पत्रकार को धमकी दिए जाने के मामलों को भी उठाया गया। जन सुराज पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे।
प्राचार्य ने आरोपों को बताया आधारहीन, प्रबंधन का दिया हवाला
Supaul दूसरी ओर, प्राचार्य रतीश कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि विद्यालय में सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रबंधन समिति के फैसलों के आधार पर ही होते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी नियुक्ति के समय से ही संस्था की छवि खराब करने की नीयत से झूठे आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
ये भी पढ़े: जामताड़ा: खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का जन जागरण अभियान, ग्रामीणों ने बुलंद की आवाज

