रिपोर्टर: शुभम दूबे
Keonjhar : ओडिशा के क्योंझर जिले में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला श्रम अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी अधिकारी लेबर लाइसेंस जारी करने के नाम पर एक कांट्रैक्टर से रिश्वत ले रहा था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब विजिलेंस की टीम ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की, तो भारी मात्रा में नकदी और सोने के आभूषण बरामद हुए।
लेबर लाइसेंस के एवज में मांगी थी घूस
Keonjhar गिरफ्तार अधिकारी की पहचान क्योंझर के जिला श्रम अधिकारी आकाश बिसोई (OLS-1) के रूप में हुई है। एक इलेक्ट्रिकल ठेकेदार को TPNODL के कार्य के लिए श्रमिकों को काम पर रखना था, जिसके लिए उसने 14 अगस्त को नियमानुसार ऑनलाइन लेबर लाइसेंस का आवेदन किया था। आरोप है कि जब 16 अगस्त को ठेकेदार लाइसेंस की प्रगति जानने पहुंचा, तो आकाश बिसोई ने काम के बदले 20 हजार रुपये की घूस मांगी।
विजिलेंस ने जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
Keonjhar अधिकारी की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने के बाद ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। 30 अगस्त की शाम को जैसे ही शिकायतकर्ता ने अधिकारी को 20 हजार रुपये सौंपे, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली।
घर से बरामद हुए 7 लाख कैश और 300 ग्राम सोना
Keonjhar ट्रैप की कार्रवाई के बाद विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत बिसोई के दो ठिकानों पर छापेमारी की। क्योंझर स्थित उनके सरकारी आवास से 7,29,200 रुपये नकद और लगभग 300 ग्राम सोने के गहने बरामद किए गए। इस पूरे मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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