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रिपोर्टर: राजेश प्रधान

Rewa : मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में भारी अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। बाणसागर रोड स्थित आयुष्मान अस्पताल के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। 23 सितंबर की रात अस्पताल में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर कमियों, अव्यवस्थाओं और नियमों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने अस्पताल के संचालन पर आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

औचक निरीक्षण में खुली पोल: बिना अनुमति ड्यूटी दे रहे थे सरकारी डॉक्टर

Rewa कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में अस्पताल प्रबंधन की कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं। 100 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में मरीजों की देखरेख के लिए नियमानुसार पर्याप्त चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, शासकीय सेवा में कार्यरत डॉ. केडी सिंह बिना किसी सक्षम अनुमति के निजी तौर पर यहां मरीजों का इलाज करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। उनके विरुद्ध प्राप्त अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें भी जांच में प्रथम दृष्टया सही पाई गईं। इसके अलावा, पैरामेडिकल स्टाफ में किए गए बदलावों और वर्ष 2024 से अब तक हुई मरीजों की मौत का कोई ब्योरा स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा नहीं किया गया था।

नए दाखिलों पर रोक, भर्ती मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने के आदेश

Rewa जांच रिपोर्ट के आधार पर CMHO ने 24 सितंबर को अस्पताल की संचालिका डॉ. प्रियंका सिंह के नाम आधिकारिक निलंबन आदेश जारी कर दिया। जारी निर्देशों के तहत आयुष्मान अस्पताल में नए मरीजों के प्रवेश पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, पहले से भर्ती मरीजों की सुरक्षा और निर्बाध इलाज को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अन्य सक्षम और पंजीकृत अस्पतालों में सुरक्षित स्थानांतरित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस, तीन दिनों में देना होगा स्पष्टीकरण

Rewa प्रशासनिक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस थमाया है। संचालिका को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और पाई गई खामियों पर जवाब प्रस्तुत करने के लिए तीन दिनों की मोहलत दी गई है। CMHO ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो अस्पताल का पंजीयन स्थायी रूप से रद्द करने के लिए एकपक्षीय वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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