रिपोर्टर: प्रताप बघेल
Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लगातार बढ़ रहे अपराधों और चरमराती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने देवगढ़ थाने के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। हाल के दिनों में क्षेत्र में घटी चोरी, राहजनी, डकैती और हत्या जैसी गंभीर वारदातों का ब्योरा देते हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर जमकर हमला बोला और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।
आपराधिक वारदातों में वृद्धि और पुलिस पर शिथिलता का आरोप
Morena धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे आम जनता के बीच भय का माहौल व्याप्त है। हालिया घटनाओं में पुलिस द्वारा की जा रही ढीली जांच प्रक्रिया और अपराधियों की धरपकड़ में हो रही देरी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आए दिन हो रही गंभीर आपराधिक घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
देवगढ़ पुलिस थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर लांछन
Morena प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने देवगढ़ पुलिस थाने की निष्पक्षता और कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और आम नागरिकों की सुनवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने यह तक कहा कि थाना तंत्र अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भटक चुका है और पीड़ितों को न्याय के लिए भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यद्यपि, इन तीखे आरोपों के संदर्भ में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी शेष है।
बड़ी जनभागीदारी के साथ प्रदर्शन, अब प्रशासनिक रुख पर टिकी नजरें
Morena इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों प्रभावित ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई। पूर्व में ही घेराव की चेतावनी दे चुकी कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद अब जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि अपराधों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए, रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और देवगढ़ थाने के कामकाज की समीक्षा कर उत्तरदायित्व तय किया जाए।

