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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Ayodhya : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए ‘मुख्य कार्यकारी अधिकारी’ (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंदिर ट्रस्ट को इस पद के लिए देशभर से 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से कड़े मूल्यांकन के बाद 18 योग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।

Ayodhya मंगलवार और बुधवार को होगा इंटरव्यू, तीन सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल करेगा चयन

शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू मंगलवार और बुधवार को मंदिर परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया के लिए एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है। इस पैनल में पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एवं वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को इस पद के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

Ayodhya मांसाहार व नशे से दूरी अनिवार्य; जानिए चयन की मुख्य शर्तें

मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए ट्रस्ट ने कड़े मापदंड तय किए हैं। उम्मीदवार के लिए हिंदू धर्म का अनुयायी होना और उसकी परंपराओं का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी का पूर्णतः शाकाहारी होना और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना आवश्यक है। इस पद के लिए आयु सीमा 50 से 70 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है।

चढ़ावा हेराफेरी मामले के बाद तेज हुई नियुक्ति प्रक्रिया

जून माह में मंदिर में चढ़ावा और दान राशि में अनिमितताओं का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थायी CEO नियुक्त करने का फैसला लिया था। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे लाखों रुपये नकद, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।

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