Election Commission Clarification:देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक्सरसाइज (SIR) के बीच, बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप में ‘मार्क VIP’ फीचर को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस पर बढ़ते सवालों के बीच अब चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से आधिकारिक सफाई सामने आई है।
क्या है ‘मार्क VIP’ फीचर और चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण?
Election Commission Clarification:चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि BLO ऐप में ‘VIP वोटर’ या ‘मार्क VIP’ को चिन्हित करने का यह फीचर कोई नया कदम नहीं है। इस संबंध में आयोग ने पहले ही 24 जून 2026 को एक सर्कुलर जारी किया था।
आयोग के अनुसार, इस फीचर के जरिए निम्नलिखित हस्तियों को मतदाता डेटाबेस में चिन्हित किया जाता है:
- न्यायपालिका के सदस्य और जनप्रतिनिधि
- विभिन्न संवैधानिक पदों के धारक
- कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और जनसेवा से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां
चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में हुए SIR के दौरान कई वीआईपी लोगों को नोटिस मिलने के मामले मीडिया की सुर्खियां बने थे। ऐसी असुविधाओं और चूकों को रोकने के उद्देश्य से ही आयोग ने यह विशेष फीचर जोड़ा है ताकि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों को आसानी से एकत्र किया जा सके।
SSR और नए मतदाताओं के पंजीकरण पर आयोग का बयान
Election Commission Clarification:स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) प्रक्रिया न होने को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि यह धारणा गलत है कि SSR न होने के कारण 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदान से वंचित रह गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि:
- नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया एक सतत (निरंतर) प्रक्रिया है, जो SSR न होने के बावजूद साल भर चलती रहती है।
- जून 2025 से जून 2026 के बीच देश में लगभग 2.5 करोड़ (ढाई करोड़) नए मतदाता जुड़े हैं।
- हालांकि SIR प्रक्रिया में भारी मैनपावर लगने की वजह से नियमित SSR प्रक्रिया प्रभावित हुई, लेकिन इससे नए युवाओं के नाम मतदाता सूची में जुड़ने की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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