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रिपोर्टर: रजनीश कुमार

Mumbai : महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस (अंधेरी थाना) ने एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बताकर कारोबारियों के ठिकानों पर रेड मारता था। यह गिरोह कानूनी पचड़े में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम रकम वसूलने का काम कर रहा था। इस सिलसिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 जालसाजों को धर दबोचा है।

दफ्तर पर धावा बोलकर कर्मचारियों को बनाया बंधक

Mumbai प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 9 लोग (6 पुरुष और 3 महिलाएं) एक साजिश के तहत पीड़ित कारोबारी के कार्यालय पहुंचे। खुद को आयकर और अपराध शाखा का अफसर बताते हुए उन्होंने फर्जी पहचान पत्र दिखाए और जबरन दफ्तर में दाखिल हो गए। आरोपियों ने कारोबारी, उनकी पत्नी तथा वहां काम कर रहे 10 अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया।

कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगी 1 करोड़ की रंगदारी

Mumbai पीड़ित दंपति और स्टाफ को बंधक बनाने के बाद फर्जी अधिकारियों ने कानूनी फंदे में फंसाने की धमकी दी और अभद्र व्यवहार किया। इस कथित कार्रवाई से राहत देने के एवज में आरोपियों ने कारोबारी से सीधे 1 करोड़ रुपये की रंगदारी (एक्सटॉर्शन) की मांग की। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने अंधेरी पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने तकनीकी जांच से 6 आरोपियों को दबोचा

Mumbai शिकायत मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 सदस्यों—संतोष उदय खोपटकर, विनय रमेश मोरे, प्रेम किसन सबनानी, प्रज्ञा हरीश माईन, रेश्मा शामराव वारंग और सबीना हाफिज शेख को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब फर्जी आईडी कार्ड्स की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य फरार साथियों की तलाश कर रही है।

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