रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिले में हरोहर नदी के उफान से घाट कुसुम्भा टाल क्षेत्र की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से सहारा और बटौरा जैसे गांवों में बाढ़ का पानी दाखिल हो चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है और ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मुख्य रास्ते जलमग्न, आवाजाही के लिए केवल नाव ही एकमात्र सहारा
Sheikhpura क्षेत्र की सड़कें पानी में पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिसके कारण यातायात ठप हो गया है। ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए पूरी तरह से नावों पर निर्भर होना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में या जरूरी सामान लाने के लिए लोग जोखिम उठाकर नाव से सफर करने को मजबूर हैं।


स्कूल और सामुदायिक भवन डूबे, मचान पर रात काटने को मजबूर ग्रामीण
Sheikhpura सहारा गांव स्थित सरकारी विद्यालय, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई इमारतों के अंदर घुटने तक पानी भर चुका है। वहीं, स्थानीय निवासी शिबू महतो का कहना है कि बीते चार दिनों से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस राहत सामग्री नहीं पहुंची है। बटौरा गांव में पानी घरों के निचले हिस्से में घुस जाने के कारण लोग मचान व चचरी बनाकर ऊपरी मंजिल पर रहने तथा अपने मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर ले जाने को विवश हैं।


कृषि पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव, रबी की फसल पर मंडराया संकट
Sheikhpura बाढ़ के कारण क्षेत्र के किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। बटौरा के ग्रामीण युगेश्वर महतो के अनुसार, इस समय जलभराव होने से आगामी रबी फसलों की बुआई प्रभावित होगी। यदि यह पानी कुछ सप्ताह पहले आया होता तो किसानों को फायदा हो सकता था। इस बीच, जिला प्रशासन का दावा है कि टाल क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

