रिपोर्टर: अरविन्द सिंह
Sagar : मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। शासन ने साफ किया है कि इस त्रासदी के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
तीन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज, संभागीय प्रभारी मुख्यालय अटैच
Sagar मामले में लापरवाही बरतने पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर से हटाकर ग्वालियर स्थित आबकारी आयुक्त मुख्यालय में अटैच किया गया है।
प्रशासनिक अमला पहुंचा प्रभावित गांवों में, पीड़ितों का जायजा लिया
Sagar बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से सामने आई इस त्रासदी के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी समेत आला अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के समुचित उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दिए सख्त जांच के आदेश
Sagar घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और आबकारी महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक नाकामी बताते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अफसरों को घटना की गहराई से जांच करने और प्रभावित क्षेत्र में सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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