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रिपोर्टर: प्रताप बघेल

Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। कैलारस विकासखंड की ग्राम पंचायत सीमई (बाबू का पूरा) स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर पिछले एक महीने से जलजमाव की वजह से तालाब जैसा बन चुका है। घुटनों तक भरे पानी के बीच से गुजरकर मासूम बच्चे और शिक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को विवश हैं।

130 में से सिर्फ 3-5 छात्र ही पहुंच रहे स्कूल, बाउंड्रीवाल भी क्षतिग्रस्त

Morena विद्यालय में कुल 130 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन लंबे समय से बने इस गंभीर जलभराव के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना औसतन तीन से पांच बच्चे ही पढ़ाई के लिए आ पा रहे हैं। लगातार पानी जमा रहने की वजह से स्कूल की बाउंड्रीवाल कमजोर होकर टूटने लगी है। स्थिति खराब होने पर कई बार छुट्टी घोषित कर दी जाती है और शिक्षकों को सड़क किनारे से ही अपनी अटेंडेंस लगानी पड़ती है।

जहरीले सांपों का डेरा और ट्रांसफार्मर से करंट फैलने का दोहरा खतरा

Morena स्कूल परिसर में पानी भरने से केवल आने-जाने में परेशानी ही नहीं है, बल्कि सुरक्षा का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और शिक्षकों के मुताबिक पानी में कई बार जहरीले सांप और अन्य जीव-जंतु तैरते देखे गए हैं। इसके अलावा परिसर में एक बिजली का ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है। जलभराव के कारण पानी में करंट फैलने की आशंका बनी रहती है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

अधिकारियों को कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ जल निकासी का समाधान

Morena प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि सरपंच से लेकर जिला पंचायत सीईओ और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर जल निकासी की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया जा चुका है। अधिकारियों ने मौके का मुआयना भी किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रांसफार्मर के खतरे को दूर कर तुरंत जल निकासी की व्यवस्था की जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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