रिपोर्टर: गनेश सिंह
Rudraprayag : उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह पूरे विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इस पावन अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से अलौकिक रूप से सजाया गया था, जिसकी खुशबू और भव्यता ने पूरे केदारपुरी को भक्तिमय बना दिया।

Rudraprayag मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत और स्वच्छता का आह्वान
कपाट खुलने के इस शुभ अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्य द्वार पर मत्था टेका और देश-दुनिया से आए तीर्थयात्रियों का अभिनंदन किया। सीएम धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से एक विशेष अपील करते हुए कहा कि वे यात्रा के दौरान ‘प्लास्टिक मुक्त हिमालय’ के संकल्प को याद रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता संदेश को दोहराते हुए कहा कि धाम की पवित्रता बनाए रखना हर भक्त की जिम्मेदारी है।
Rudraprayag प्रधानमंत्री और राज्यपाल ने दीं मंगलकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर सभी भक्तों को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बाबा केदार की कृपा सभी पर बनी रहे और यह यात्रा राष्ट्र की एकता और समृद्धि को और सुदृढ़ करे। वहीं, उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी श्रद्धालुओं की सुखद और सुरक्षित यात्रा की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) द्वारा इस वर्ष यात्रियों की सुविधा के लिए पहले से ही विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दुर्गम रास्तों और कठिन मौसम में भी भक्तों को सुगम दर्शन प्राप्त हो सकें।
Rudraprayag वीडियोग्राफी पर पाबंदी और नई ट्रैवल एडवाइजरी
इस वर्ष की यात्रा में प्रशासन ने अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए हैं। रुद्रप्रयाग पुलिस प्रशासन के अनुसार:
- मोबाइल और रील पर रोक: मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर में मोबाइल फोन ले जाना और रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- सुरक्षा व्यवस्था: बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सख्त पाबंदी है। श्रद्धालुओं के कीमती सामान और फोन रखने के लिए परिसर के पास लॉकर की व्यवस्था की गई है।
- स्वास्थ्य और मौसम: हालिया बर्फबारी के कारण केदारनाथ में अत्यधिक ठंड है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी है।
जैसे ही मंदिर के विशाल कपाट खुले, ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरी घाटी गूंज उठी। आस्था और उत्साह का यह अनूठा संगम बताता है कि बाबा केदार के प्रति भक्तों का विश्वास हर साल और अधिक गहरा होता जा रहा है।
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