रिपोर्टर: प्रेम कुमार श्रीवास्तव
Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर से सटे कपाली क्षेत्र में उस वक्त भारी बवाल हो गया, जब प्रतिबंधित पशुओं की अवैध कटाई और तस्करी की सूचना पर जांच करने पहुंची टीम पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में गौ सेवकों के साथ-साथ मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। आगामी बकरीद त्योहार के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रशासनिक दावों के बीच हुई इस घटना से पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव और दहशत का माहौल पैदा हो गया है।

Jamshedpur कसाईखाने में छापेमारी से पहले भनक लगने का आरोप
यह पूरा मामला कपाली के गौशनगर इलाके का है। एक गौ सेवा संगठन को गुप्त सूचना मिली थी कि ‘पेची’ नामक एक कथित तस्कर के कसाईखाने में भारी संख्या में प्रतिबंधित पशुओं को कटाई और कुर्बानी के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया है। संस्था के सदस्यों ने तुरंत स्थानीय कपाली थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में जब उच्च अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, तब जाकर पुलिस टीम गौ सेवकों को साथ लेकर मौके पर पहुंची। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कसाईखाने से सभी पशुओं को गायब कर दिया गया था, जिससे विभाग की गोपनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
Jamshedpur अचानक उग्र हुई भीड़, वाहन में की तोड़फोड़
जब पुलिस और संगठन के सदस्य मौके पर खाली हाथ रह गए और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ करने लगे, तभी देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया और उग्र भीड़ ने गौ सेवकों पर हमला बोल दिया।
- पत्रकारों पर हमला: घटनास्थल पर समाचार संकलन (कवरेज) करने पहुंचे स्थानीय पत्रकारों को भी भीड़ ने नहीं बख्शा। उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई।
- वाहनों को नुकसान: इस हंगामे के दौरान उपद्रवियों ने वहां खड़े एक वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति इतनी नाजुक हो गई थी कि कई पत्रकारों और गौ सेवकों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा।
Jamshedpur प्रशासन के रुख पर टिकी नजरें
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि पुलिस प्रशासन सूचना मिलते ही त्वरित और सख्त कदम उठाता, तो इतनी बड़ी हिंसक नौबत नहीं आती। फिलहाल इस घटना के बाद कपाली और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं और देखना होगा कि कानून हाथ में लेने वाले उपद्रवियों और पशु तस्करों के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।

