रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Indian Railways : स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक परिवहन की दिशा में भारत ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-पावर्ड (Hydrogen-Powered) यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइड्रोजन तकनीक से संचालित होने वाली ट्रेनें हैं।
जींद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना सच हो गया है। इसके साथ ही जींद, सोनीपत और पूरे हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।”
Indian Railways पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल: शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक
यह ट्रेन भारतीय रेलवे के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल’ तकनीक पर काम करती है।
- शून्य प्रदूषण: यह ट्रेन डीजल के बजाय हाइड्रोजन से बिजली बनाकर चलती है।
- बाय-प्रोडक्ट: इस पूरी प्रक्रिया में प्रदूषण फैलाने वाले धुएं की जगह सिर्फ भाप (Steam) और गर्मी (Heat) बाहर निकलती है।
- ग्रीन रेलवे: वातावरण में कार्बन का उत्सर्जन बिल्कुल शून्य होने के कारण यह पर्यावरण के लिए पूरी तरह मुफीद है।
Indian Railways 10 कोच का पावरहाउस: दमदार इंजन और रफ्तार
वैश्विक स्तर पर जहां कई देश अभी दो से चार कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेनों का परीक्षण कर रहे हैं, वहीं भारत ने सीधे 10 कोच की ट्रेन तैयार कर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है।
- क्षमता: इस 10 कोच वाले ट्रेनसेट में एक साथ करीब 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं।
- इंजन: ट्रेन में 3,240 हॉर्सपावर का बेहद शक्तिशाली प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है।
- रफ्तार: इसकी सामान्य ऑपरेटिंग स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसे जरूरत के मुताबिक 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकता है।
Indian Railways सुरक्षा के कड़े इंतजाम और महज ₹५ से किराया शुरू
सुरक्षा के मोर्चे पर रेलवे ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। ट्रेन के भीतर एडवांस हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर और ऑटोमैटिक शट-ऑफ सिस्टम लगाए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में हाइड्रोजन सप्लाई को तुरंत ब्लॉक कर देंगे।
आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए इसका किराया बेहद किफायती रखा गया है:
- किराया: न्यूनतम किराया सिर्फ ₹5 और अधिकतम किराया ₹25 तय किया गया है।
- समय सारणी: गाड़ी संख्या 74010 सुबह 07:40 बजे जींद से चलकर 09:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होकर दोपहर 01:00 बजे जींद लौटेगी। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच करीब 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
भविष्य में रेलवे इस इको-फ्रेंडली तकनीक का विस्तार कालका-शिमला जैसे देश के प्रमुख हेरिटेज रूटों पर भी करने की योजना बना रहा है।

