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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Jharkhand Gumla Minor Rape Case : झारखंड के गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र से एक बेहद डरावनी और समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक तीन वर्षीय अबोध बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया। इस अपराध से भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि न्याय करने का दावा करने वाली गांव की पंचायत ने मामले को दबाने और आरोपी को बचाने की कोशिश की। पंचायत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और वसूले गए पैसों से शराब और मांस की पार्टी तक कर डाली। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया है।

Jharkhand Gumla Minor Rape Case खिलाने के बहाने ले गया और की दरिंदगी

पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी सुनील लोहरा उनके घर आया था। वह मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर खिलाने के बहाने एक कमरे में ले गया, जहाँ उसने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। जब बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर मां कमरे की तरफ दौड़ी, तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए; मासूम बच्ची खून से लथपथ हालत में रो रही थी।

Jharkhand Gumla Minor Rape Case पंचायत का अमानवीय रवैया और वसूली

इस गंभीर अपराध की जानकारी मिलने के बाद गांव के कुछ तथाकथित रसूखदार लोगों ने मामले को पुलिस तक न ले जाने का फैसला किया। उन्होंने पहले बच्ची का गुपचुप तरीके से एक निजी चिकित्सक से इलाज कराया और फिर रविवार को पंचायत बुलाई। पंचायत में कानून को ठेंगा दिखाते हुए आरोपी पर 1 लाख रुपये का दंड लगाया गया। आरोपी से मौके पर ही 20 हजार रुपये नकद वसूल लिए गए और शेष 30 हजार रुपये एक सप्ताह में देने का फरमान सुनाया गया। शर्मनाक बात यह रही कि पंचायत के सदस्य इस अवैध वसूली के पैसों से गांव में जश्न मना रहे थे।

Jharkhand Gumla Minor Rape Case ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस, सख्त कार्रवाई का भरोसा

जब गांव में जुर्माने की रकम से शराब और मुर्गे की पार्टी चल रही थी, तभी एक जागरूक ग्रामीण ने गुप्त रूप से पुलिस को इस बर्बरता की सूचना दे दी। घाघरा थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और मुख्य आरोपी सुनील लोहरा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुरेश प्रसाद यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “यह एक अत्यंत अमानवीय और अक्षम्य अपराध है। मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा, जिन लोगों ने पंचायत बुलाकर मामले को दबाने और आरोपी को संरक्षण देने की कोशिश की है, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे।”

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