रिपोर्टर: अतहर खान
Jamalpur : रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की तत्परता और सतर्कता से एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया। आरपीएफ की टीम ने विक्रमशिला एक्सप्रेस से सफर कर रहे चार नाबालिग बच्चों को बेहद सूझबूझ के साथ सुरक्षित रेस्क्यू किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी बच्चे अपने माता-पिता या परिजनों को बिना कोई जानकारी दिए, महज घूमने-फिरने की जिद में घर से निकल भागे थे। फिलहाल आरपीएफ इन बच्चों के परिवारों से संपर्क साधने और उन्हें सुरक्षित सौंपने की कवायद में जुटी है।
Jamalpur एस्कॉर्ट पार्टी की मुस्तैदी से पकड़ी गई बच्चों की संदिग्ध हलचल
वाकया उस वक्त का है जब भागलपुर-आनंद विहार विक्रमशिला एक्सप्रेस जमालपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी। ट्रेन में तैनात आरपीएफ की एस्कॉर्ट पार्टी की नजर कोच में बैठे चार अकेले बच्चों पर पड़ी। अपनों के बिना सफर कर रहे इन बच्चों के हाव-भाव और गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों को शक हुआ। उन्होंने बिना वक्त गंवाए इसकी जानकारी तुरंत जमालपुर आरपीएफ पोस्ट को दी, जिसके बाद फौरन एक्शन लिया गया।
Jamalpur मौज-मस्ती के लिए बांका से भागे थे चारों मासूम
ट्रेन के रुकते ही मुस्तैद आरपीएफ टीम ने चारों बच्चों को एहतियात के साथ नीचे उतारा और आरपीएफ यार्ड पोस्ट लेकर आई। जब अधिकारियों ने बच्चों को दुलारते हुए पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वे सभी बांका जिले के रहने वाले हैं। बच्चों ने कुबूल किया कि वे बिना किसी योजना के, सिर्फ मौज-मस्ती और घूमने के इरादे से चुपके से अपने घर से निकल आए थे।
Jamalpur मेडिकल जांच के बाद ‘चाइल्ड वेलफेयर कमेटी’ को सौंपने की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त हीरा सिंह ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। सभी बच्चों का नियमानुसार मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है। इसके बाद उन्हें आगे की काउंसिलिंग और प्रक्रिया के लिए मुंगेर की बाल कल्याण समिति (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) के सुपुर्द किया जाएगा। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के माता-पिता को ढूंढ निकाला गया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को सकुशल उनके हवाले कर दिया जाएगा।

