‘E100’ fuel policy : भारत सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और हरित परिवहन (Green Mobility) को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आधिकारिक तौर पर 100 प्रतिशत इथेनॉल (E100) ईंधन के उपयोग को कानूनी मंजूरी दे दी है। इस नीति को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
‘E100’ fuel policy आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर कृषि उत्पादों से तैयार इथेनॉल को पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में स्थापित करना है। मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने इस फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और अब देश वैकल्पिक ईंधन के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। इथेनॉल के उपयोग से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आयात पर निर्भरता कम होने से देश को आर्थिक रूप से भी बड़ी बचत होगी।
‘E100’ fuel policy फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
ऑटोमोबाइल कंपनियां अब फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन ऐसे होते हैं जो पेट्रोल और इथेनॉल के किसी भी अनुपात (10% से लेकर 100% तक) पर चलने में सक्षम होते हैं। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने पहले ही ऐसे मॉडल विकसित करने की दिशा में भारी निवेश किया है जो इथेनॉल के उच्च मिश्रण वाले ईंधन पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार के इस फैसले से बाजार में ऐसे वाहनों की उपलब्धता और मांग दोनों में जबरदस्त उछाल आने की संभावना है।
‘E100’ fuel policy किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम-चेंजर’
इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से होता है, इसलिए E100 नीति से सीधे तौर पर किसानों को लाभ होगा। कृषि आधारित कच्चे माल की मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और चीनी उद्योग तथा जैव-ईंधन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। जानकारों का मानना है कि ‘इथेनॉल अर्थव्यवस्था’ का विस्तार होने से भारत के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक सुदृढ़ता आएगी।
‘E100’ fuel policy ग्रीन मोबिलिटी का लक्ष्य
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करके वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। E100 ईंधन को मंजूरी मिलने के बाद भारत ने ‘स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन’ के अपने संकल्प को और अधिक मजबूत कर लिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में एक ऐसी टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली तैयार करना है, जो प्रदूषण को न्यूनतम करे और देश को ऊर्जा के मामले में ‘विश्वगुरु’ बनाने में सहायक हो।
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