New Delhi : NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी भारी छात्र आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हुआ है। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शिक्षा मंत्री पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार (26 जुलाई) को औपचारिक रूप से शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है।
New Delhi विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सौंपा त्यागपत्र
देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया था। छात्रों के बढ़ते दबाव और आक्रोश के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं से वे काफी व्यथित हैं और यह विषय उनकी “व्यक्तिगत प्रतिष्ठा” से बड़ा है।
उपभोक्ता मामलों के साथ शिक्षा विभाग का दायित्व भी संभालेंगे जोशी
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गई है। पदभार ग्रहण करने के बाद जोशी ने कहा कि वे इस पद को पूरी निष्ठा, कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि वे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भावी प्राथमिकताओं पर ध्यान
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में महत्त्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों के आधार पर वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार लाने के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।

