GwaliorGwalior
Spread the love

रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शैक्षणिक दबाव और अपेक्षाओं के बोझ ने एक मासूम की जान ले ली। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घोसीपुरा इलाके में 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने घर में रखी सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

Gwalior कम अंकों के कारण गहरे तनाव में थी छात्रा

मृतक छात्रा की पहचान ट्विंकल अहिरवार के रूप में हुई है। ट्विंकल के पिता भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में जवान हैं। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ही ट्विंकल की 11वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था। परीक्षा में उम्मीद से कम अंक प्राप्त होने के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। परिजनों के अनुसार, वह लगातार इसी बात को लेकर डिप्रेशन (तनाव) में थी कि वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी।

Gwalior सुसाइड नोट में बयां की अपनी व्यथा

घटनास्थल की जाँच के दौरान पुलिस को छात्रा के कमरे से चार पंक्तियों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस पत्र में छात्रा का दर्द साफ झलक रहा है। उसने लिखा कि, “नंबर कम आए हैं, मैं परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी।” इन शब्दों से स्पष्ट होता है कि वह अपनी शैक्षणिक सफलता को अपने परिवार के सम्मान से जोड़कर देख रही थी और अंक कम आने पर खुद को अपराधी महसूस कर रही थी। इसी ग्लानि के चलते उसने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को खत्म कर लिया।

Gwalior पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया

गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन जब कमरे की ओर दौड़े, तो ट्विंकल लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। सूचना मिलने पर बहोड़ापुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि पिस्टल सुरक्षित स्थान पर थी या नहीं, साथ ही छात्रा के अन्य मित्रों और शिक्षकों से भी पूछताछ की जा सकती है।

Also Read This: Bastar में ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ का आगाज़: युवाओं के सपनों और स्टार्टअप को मिलेगी नई पहचान