रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Bhilai : छत्तीसगढ़ के भिलाई से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है। भिलाई के अय्यप्पा नगर इलाके में सोमवार को नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर सरकारी जमीन पर बने एक कथित अवैध मदरसे के निर्माण को ढहा दिया। सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में सुबह से ही बुलडोजर और प्रशासनिक अमला पहुंच गया था, जिसने पूरी सतर्कता के साथ इस अतिक्रमण हटाओ अभियान को अंजाम दिया।
Bhilai लंबे समय से मिल रही थी शिकायत, जांच के बाद लिया गया कड़ा फैसला
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अय्यप्पा नगर के इस कीमती भूखंड पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कर मदरसा संचालित करने की शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने जब जमीन के रिकॉर्ड और कागजातों की स्क्रूटनी (जांच) की, तो पाया गया कि संबंधित भूमि पूरी तरह से सरकारी है। जमीन पर अवैध कब्जा साबित होने के बाद प्रशासन ने बिना देर किए इस ढांचे को हटाने और अतिक्रमण ध्वस्त करने का बड़ा फैसला लिया।
Bhilai 5 करोड़ की है जमीन, सुरक्षा के लिए तैनात रहे 200 से अधिक पुलिसकर्मी
जिस जमीन पर यह कथित मदरसा बनाया गया था, वह बेहद प्राइम लोकेशन पर है और बाजार में उसकी अनुमानित कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इतनी बड़ी कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े और किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। मौके पर सुरक्षा के लिहाज से 200 से अधिक पुलिसकर्मियों, विभिन्न थानों के प्रभारियों (SHOs) और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
Bhilai लोगों की भीड़ और हल्की नोकझोंक के बीच शांतिपूर्वक निपटा अभियान
जैसे ही इलाके में बुलडोजर चलने की खबर फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। माहौल को भांपते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरी सूझबूझ दिखाई और लोगों को बैरिकेडिंग कर निर्धारित दूरी पर ही रोक दिया। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी सुरक्षा के मद्देनजर परिसर से दूर रहने की हिदायत दी गई।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और पुलिस बल के बीच हल्की नोकझोंक और कहासुनी की स्थिति भी बनी, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर ही स्थिति को संभाल लिया और शांतिपूर्वक पूरा अभियान संपन्न हुआ। जिला प्रशासन ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्तियों और जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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