Gwalior : मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर अपने अलग और जमीनी अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने ग्वालियर के हजीरा स्थित सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण (सरप्राइज इन्सपेक्शन) किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और खामियां मिलने पर प्रबंधन को कड़ी फटकार भी लगाई।
Gwalior आईसीयू में खराब एसी पर नाराजगी और सेवा भाव
ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल के जनरल वार्ड से लेकर आईसीयू (ICU) तक का सघन दौरा किया। निरीक्षण के दौरान जब वे आईसीयू पहुंचे, तो वहां का एयर कंडीशनर (AC) बंद मिला, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई और उसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। इसी दौरान आईसीयू में भर्ती क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता कोक सिंह राठौर को देखकर मंत्री जी खुद को रोक नहीं पाए और उनके पास बैठकर उनके पैर दबाए, जो उनके सेवा भाव को दर्शाता है।
मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए ऊर्जा मंत्री सीधे अस्पताल के किचन (रसोईघर) में जा पहुंचे।
गुणवत्ता की जांच: उन्होंने वहां बन रहे दाल, चावल और अन्य खाद्य सामग्रियों के रख-रखाव और उनकी क्वालिटी को देखा।
स्वयं ग्रहण किया भोजन: मरीजों को दिए जाने वाले खाने की पौष्टिकता और स्वाद को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने खुद थाली लगवाकर भोजन ग्रहण किया और उसकी गुणवत्ता परखी।
प्रबंधन को कड़ा संदेश: ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को दो टूक शब्दों में हिदायत दी है कि अस्पताल में आने वाले गरीब और आम मरीजों के इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं या उनके खान-पान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के मुताबिक मरीजों को हर संभव बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए और इसमें कोताही बरतने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।