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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Bastar : छत्तीसगढ़ का बस्तर अब केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति ही नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार के लिए भी जाना जाएगा। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में आगामी 4 और 5 मई को “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य ध्येय स्थानीय युवाओं की रचनात्मकता को स्टार्टअप और स्वरोजगार के वैश्विक पटल पर स्थापित करना है।

डिजिटल कनेक्टिविटी और युवाओं का अभूतपूर्व उत्साह

बस्तर संभाग के युवाओं में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 7500 से अधिक युवाओं ने इस महाकुंभ के लिए अपना पंजीकरण कराया है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से 1038 प्रतिभागी विश्वविद्यालय परिसर में सीधे तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जबकि अन्य हजारों युवा यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के जरिए डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञों के सत्रों का लाभ उठा सकेंगे। यह आयोजन बस्तर के दूरस्थ अंचलों तक तकनीकी ज्ञान पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

Bastar दिग्गज राजनेताओं और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

इस दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा बेहद व्यापक है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राज्यपाल रामेन डेका करेंगे, जिसमें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी जैसे प्रमुख नेता शामिल होंगे। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति विशेष आकर्षण होगी। कार्यक्रम के दौरान देश के ख्याति प्राप्त संस्थानों के विशेषज्ञ युवाओं को फंडिंग, बिजनेस डेवलपमेंट और स्टार्टअप मॉडल पर अमूल्य टिप्स देंगे। श्रेष्ठ और प्रभावी बिजनेस आइडिया को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत भी किया जाएगा।

Bastar मुख्यधारा से जुड़ाव: आत्मसमर्पित माओवादियों की भागीदारी

इस महाकुंभ की सबसे अनूठी और सकारात्मक विशेषता 200 आत्मसमर्पित माओवादियों की सक्रिय भागीदारी है। यह कदम दर्शाता है कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़कर विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, यह आयोजन बस्तर में एक नई “स्टार्टअप संस्कृति” को जन्म देगा, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र से कई सफल उद्यमी निकलेंगे।

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