रिपोर्टर: सुनील रस्तोगी
Indian Oil Exports : यूक्रेन द्वारा किए गए हालिया ड्रोन हमलों के कारण रूस की तेल रिफाइनरियों में ईंधन उत्पादन पूरी तरह चरमरा गया है। घरेलू आपूर्ति में आए इस बड़े संकट के बीच भारत, रूस को पेट्रोल निर्यात करने वाले प्रमुख देशों के रूप में उभरा है। ऊर्जा विश्लेषक एजेंसी ‘वॉर्टेक्सा’ के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में रूस का समुद्री मार्ग से होने वाला पेट्रोल आयात रिकॉर्ड 1,25,000 बैरल प्रतिदिन (लगभग 4.7 लाख टन) तक पहुंच गया है।

2 महीनों में भारत ने भेजा 10 लाख बैरल पेट्रोल
Indian Oil Exports व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों ने पिछले दो महीनों में रूस को लगभग 10 लाख बैरल पेट्रोल की खेप भेजी है। इस आपूर्ति में गुजरात स्थित वाडिनार रिफाइनरी ने सबसे मुख्य भूमिका निभाई है, जिसका संचालन ‘नयारा एनर्जी’ द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि नयारा एनर्जी में रूस की दिग्गज सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ‘रोसनेफ्ट’ की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

रूसी कच्चे तेल से बना पेट्रोल वापस रूस पहुंचा
Indian Oil Exports रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से भारत ने रूसी कच्चे तेल के आयात में भारी बढ़ोतरी की है। जून और जुलाई में भारत ने रूस से औसतन 26 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक कच्चा तेल खरीदा, जो कि भारत के कुल कच्चे तेल आयात का आधे से अधिक हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा रूस को भेजा गया पेट्रोल संभवतः उसी रूसी कच्चे तेल को रिफाइन करके तैयार किया गया है। यानी रूस से भारत आया कच्चा तेल शोधन प्रक्रिया के बाद वापस रूस भेजा जा रहा है।

रूसी उत्पादन में 70% गिरावट और निर्यात पर प्रतिबंध
Indian Oil Exports लगातार हो रहे हमलों के चलते रूस की रिफाइनिंग क्षमता को गहरा नुकसान पहुंचा है, जिससे उसके घरेलू पेट्रोल उत्पादन में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आपूर्ति संकट से निपटने के लिए रूस ने पेट्रोल के निर्यात पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को जनवरी 2027 के अंत तक और डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। अगस्त में भारत के अलावा तुर्किये और मोरक्को ने भी रूस को ईंधन की आपूर्ति की है।
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