रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Damoh : जिले के ग्राम सकोर की एक होनहार बेटी ने सात समंदर पार देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा नियति दीक्षित ने 09 मई 2026 को आयोजित इंटरनेशनल मलेशिया कराटे चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। नियति ने अंडर-14 आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण (Gold) और एक रजत (Silver) पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया है।

Damoh 10 देशों के सूरमाओं को पछाड़कर हासिल किया मुकाम
इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में दुनिया के 10 अलग-अलग देशों के शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इतने बड़े मंच पर नियति दीक्षित ने अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हुए गजब के अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास और बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया। वैश्विक स्तर के कड़े मुकाबले में पदक जीतकर नियति ने न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया, बल्कि पूरे दमोह जिले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
Damoh सीमित संसाधनों में सफलता की नई मिसाल, बेटियों के लिए बनीं रोल मॉडल
नियति की यह स्वर्णिम सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो राह की हर बाधा छोटी हो जाती है। बेहद सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बीच रहकर उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह आज के समय में हर बेटी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और सच्ची लगन के दम पर दुनिया का कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।
Damoh कलेक्टर श्री यादव ने की मुलाकात, उज्ज्वल भविष्य के लिए दीं शुभकामनाएं
मलेशिया में तिरंगा लहराने के बाद जब नियति दीक्षित वापस लौटीं, तो उन्होंने दमोह कलेक्टर श्री यादव से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने नियति की पीठ थपथपाते हुए उन्हें इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। उन्होंने नियति के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन खेल और खिलाड़ियों के साथ हमेशा खड़ा है। साथ ही उन्होंने नियति को आगे भी इसी तरह देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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