नई दिल्ली: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने राहत व्यक्त की और इसे अपने तथा अपने समर्थकों के लिए न्याय और सत्य की जीत करार दिया।
‘अगर आरोप साबित होते तो फांसी लगा लेता’
अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि जब उन पर आरोप लगे थे, तब भी उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि अदालत में एक भी आरोप सिद्ध हो जाता है तो वे फांसी पर लटकने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “आज अदालत ने मुझे और विनोद को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और मैंने कभी खुद को दोषी महसूस नहीं किया। यह हमारे लिए खुशी का दिन है।”
भविष्य की राजनीति पर बोले: “होइहि सोइ जो राम रचि राखा”
राजनीति में आगे की भूमिका और वापसी के सवाल पर रामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” उन्होंने कहा कि जो भगवान राम ने तय किया है, वही होगा। उन्होंने अपनी लीगल टीम का आभार जताया और स्पष्ट किया कि विस्तृत न्यायिक आदेश का अध्ययन करने के बाद ही वे इस विषय पर आगे कोई विस्तृत बयान देंगे।
साजिश और विपक्ष पर साधा निशाना
अपने खिलाफ लगे आरोपों पर बात करते हुए पूर्व WFI अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे मामलों में लोग मानसिक रूप से टूट जाते हैं, लेकिन उनका मनोबल हमेशा बना रहा क्योंकि वे निर्दोष थे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल हमेशा दूसरों के कंधे पर रखकर बंदूक चलाते हैं। वहीं, फैसले के बाद बृजभूषण सिंह के बेटे और सांसद कर्ण भूषण सिंह ने भी खुशी जताते हुए कहा कि आखिरकार अदालत से सत्य की विजय हुई है।
