BokaroBokaro
Spread the love

रिपोर्टर: संजीव कुमार

Bokaro : जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से साढ़े पांच साल पहले रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुई नाबालिग छात्रा सेजल झा के मामले में न्याय की एक नई किरण दिखाई दी है। लंबे समय से अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रही मां उषा झा की फरियाद आखिरकार रंग लाई है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान झारखंड की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने संभाल ली है।

Bokaro ट्यूशन जाते समय हुआ था रहस्यमयी अपहरण

यह घटना 16 अक्टूबर 2020 की है, जब नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय सेजल झा सुबह करीब पौने 11 बजे अपने घर से कुरमा गांव ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। महज आधे घंटे के भीतर खबर आई कि रास्ते में उसकी साइकिल, चप्पल और कॉपियां सड़क पर लावारिस बिखरी पड़ी हैं। कॉपियों पर लिखे नाम से उसकी पहचान हुई, लेकिन सेजल का कहीं पता नहीं चला। परिजनों ने तत्काल अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था।

Bokaro पुलिस की नाकामी और परिजनों का लंबा संघर्ष

पिछले साढ़े पांच वर्षों में पिंडराजोरा थाना पुलिस इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है। जांच के दौरान न तो कोई चश्मदीद गवाह मिला और न ही अपहरणकर्ताओं की ओर से फिरौती के लिए कोई फोन आया। सेजल की मां उषा झा ने अपनी बेटी को वापस पाने के लिए पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक अपनी चप्पलें घिस दीं। स्थानीय पुलिस के पास कोई सुराग न होने के कारण यह केस ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था, जिसे अब वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोबारा खोला गया है।

Bokaro CID ने दर्ज की नई FIR, नए सिरे से होगी जांच

वरीय अधिकारियों के आदेश पर सीआईडी ने सोमवार को कांड संख्या 04/2026 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीआईडी की विशेष टीम अब इस मामले की जीरो लेवल से जांच शुरू करेगी। टीम उन पुराने साक्ष्यों को दोबारा खंगालेगी जो पांच साल पहले मिले थे। परिजनों को अब उम्मीद है कि सीआईडी की पेशेवर जांच के जरिए उन्हें अपनी बेटी के बारे में कोई ठोस जानकारी मिल सकेगी और इतने वर्षों का इंतजार खत्म होगा।

Also Read This: Munger में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़: STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हथियार निर्माता गिरफ्तार