रिपोर्टर: आगस्टीन हेम्बरम
Dumka : झारखंड की उपराजधानी दुमका में सोमवार को बंदोबस्त कार्यालय (Settlement Office) में उस वक्त अभूतपूर्व और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जमीन विवाद के एक मामले में फैसले (जजमेंट) में हो रही देरी से नाराज एक महिला ने अपने परिवार के साथ मिलकर सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (Assistant Settlement Officer) मनोज सिंह को उनके चेंबर से बाहर खींच लिया। आक्रोशित लोग अधिकारी को पैदल ही खींचते हुए सीधे संथाल परगना प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) कार्यालय ले गए।
Dumka जजमेंट में महीनों की देरी पर फूटा परिवार का गुस्सा
मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद जमीन से जुड़े एक बंदोबस्ती प्रकरण और उसके अभिलेखों (Records) को दबाकर रखने से जुड़ा है। पीड़ित महिला और उसके परिजनों का आरोप था कि सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज सिंह ने जमीन संबंधी मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद भी ऑर्डर को अपने पास रख लिया था और महीनों बीत जाने के बाद भी जजमेंट नहीं दे रहे थे। बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने से परेशान परिवार का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया और उन्होंने कार्यालय परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया।
Dumka अधिकारी को लेकर सीधे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे लोग, मची खलबली
हंगामे के दौरान आक्रोशित लोग अधिकारी को बंदोबस्त कार्यालय से बाहर निकालते हुए पैदल ही प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय की तरफ ले जाने लगे। इस अजीबोगरीब वाकये से सड़क पर और सरकारी महकमे में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव ने तुरंत एक्शन लिया और नगर थाना प्रभारी सहित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को आपातकालीन स्थिति में कमिश्नर कार्यालय बुलाया।
Dumka सचिव ने दिए शाम तक दस्तावेज सौंपने के कड़े निर्देश
आयुक्त कार्यालय में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पूरे मामले की गहन जानकारी ली गई। सुनवाई के बाद आयुक्त के सचिव ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज सिंह के कार्य व्यवहार पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि संबंधित जमीन विवाद से जुड़े सभी अभिलेख और जरूरी दस्तावेज शाम तक हर हाल में कमिश्नर कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके। प्रशासनिक स्तर पर अब पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद से दोनों सरकारी कार्यालय परिसरों में दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।

