रिपोर्टर: इमतियाज खान
Deoghar : झारखंड जैसे राज्यों में सर्पदंश (Snakebite) एक गंभीर प्राकृतिक आपदा की तरह है, जिससे हर साल सैकड़ों परिवार उजड़ जाते हैं। इसी संकट को गंभीरता से लेते हुए, एम्स (AIIMS) देवघर ने एक निर्णायक कदम उठाया है। संस्थान में हाल ही में ‘सर्पा प्रोजेक्ट’ (SARPA Project) के तहत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर को शून्य पर लाना है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एम्स के निदेशक समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया और इस जानलेवा समस्या से निपटने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया।
Deoghar ‘सर्पा प्रोजेक्ट’ और एंटी-स्नेक वेनम की सुलभता
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि समय पर इलाज न मिलना ही सर्पदंश से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। एम्स देवघर के डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि एंटी-स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता ही जीवन बचाने की पहली कड़ी है।
- समान उपलब्धता: अब केवल बड़े सरकारी अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि राज्य के निजी अस्पतालों में भी ASV दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है।
- शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य: प्रोजेक्ट का प्राथमिक उद्देश्य यह है कि झारखंड के किसी भी कोने में व्यक्ति को सांप काटे, उसे 1 घंटे के भीतर (Golden Hour) इलाज मिलना चाहिए।
Deoghar चिकित्सकों का विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल
सिर्फ दवा उपलब्ध होना ही काफी नहीं है, बल्कि डॉक्टरों का प्रशिक्षित होना भी अनिवार्य है। ‘सर्पा प्रोजेक्ट’ के तहत एम्स देवघर राज्यभर के चिकित्सकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगा।
- त्वरित उपचार: डॉक्टरों को सर्पदंश के विभिन्न लक्षणों (Neurotoxic और Hemotoxic) की पहचान करने और उनके सटीक उपचार के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
- आधुनिक प्रोटोकॉल: कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर उपचार प्रोटोकॉल साझा किए गए, ताकि इलाज के दौरान होने वाली छोटी-सी चूक को भी टाला जा सके।
Deoghar जन-जागरूकता और अंधविश्वास के खिलाफ मुहिम
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के बाद आज भी लोग झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिससे कीमती समय बर्बाद हो जाता है। कार्यशाला में इस सामाजिक बुराई पर भी चर्चा हुई।
- जागरूकता अभियान: विशेषज्ञों ने जोर दिया कि आम जनता को जागरूक करना होगा कि सांप के काटने पर एकमात्र उपाय अस्पताल है।
- कम्युनिटी आउटरीच: प्रोजेक्ट के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांवों में जाकर लोगों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी देंगे।
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